Skip to main content

कोई देखता नहीं.. Achhe blog


पांवों के लड़खड़ाने पे तो सबकी है नज़र,
सर पे कितना बोझ है कोई देखता नहीं।

सितम ये है कि हमारी सफों में शामिल हैं,
चराग बुझते ही खेमा बदलने वाले लोग।

आज तो झगड़ा होगा तुझसे ऐ खुदा,
मुश्किलें बढ़ा दी तो सब्र भी बढ़ा देता।


अक्सर वो फैसले मेरे हक़ में गलत हुए,
जिन फैसलों के नीचे तेरे दस्तखत हुए।

पसंद आ गए हैं कुछ लोगों को हम,
कुछ लोगों को ये बात पसंद नहीं आयी।

मुद्दतें हो गयी हैं चुप रहते रहते,
कोई सुनता तो हम भी कुछ कहते।

अपनी हर फतह पर इतना गुरुर मत कर
मिट्टी से पूछ आज सिकंदर कहां है।

Comments

Popular posts from this blog

मैं ठहर गया....

मैं     ठहर     गया                      वो   गुजर    गई, वो     क्या     गुजरी                        सब     ठहर    गया

महान स्टीफन विज्ञानीक विलियम हॉकिंग की मृत्यु

स्टीफन विलियम हॉकिंग, एक विश्व प्रसिद्ध ब्रितानी भौतिक विज्ञानी, ब्रह्माण्ड विज्ञानी, लेखक और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में सैद्धांतिक earth विज्ञान केन्द्र के शोध निर्दे...